पुण्यतिथि पर नमन बलिया के लक्ष्मीराज देवी मेस्टन स्कूल के मैदान में 16 अक्टूबर 1925 को महात्मा गांधी के आने के प्रमाण मिलते हैं। देहात से भी गांधी जी को देखने व सुनने के लिए गीत गाते... Read more
पुण्यतिथि तुम्हारे दिन लौटेंगे बार-बार, मेरे नहीं। तुम देखोगी यह झूमती हरियाली, पेड़ों पर बरसती हवा की बौछार। यह राग-रंग तुम्हारे लिए होंगी चिन्ताएं अपरम्पार। खुशियों की उलझन तुम्हारे लिए ह... Read more
बलिया टुडे डेस्क : बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा त्योहार छठ पूजा 20 नवंबर को है। इसके उत्सव की शुरुआत आज से हो रही है। इसमें छठ मैया का पूजन और सूर्य को अर्घ्य दिया जाता... Read more
राज्य सभा के उप सभापति बनने के बाद पहली बार अपने गांव गांव सिताबदियारा आए हरिवंश नारायण सिंह, इस बार भी अपनी सरलता का वही परिचय दे गए। वह जब भी गांव आए किसी को नहीं लगा कि वह किसी उच... Read more
गांव-समाज में अपनत्व के रिश्तों की कद्र करनी चाहिए। गांव वह स्थान है जहां हर वर्ग के लोग एक-दूसरे से दिल से अपनत्व की भावना रखते हैं। इस बात का एहसास तब होता है जब कोई परिवार... Read more
अतुल्य अयोध्या अयोध्या, जिसका शाब्दिक अर्थ है जिसे युद्ध में जीता ना जा सके। यह नाम पाषाण काल से ही अपने भविष्य की ओर संकेत कर रहा है,फिर भी इसे अनदेखा कर इसके भाग्य से छेड़छ... Read more
बलिया जनपद के बैरिया विधान सभा का उप नाम द्वाबा भी है। गंगा और घाघरा दो नदियों के बीच की धरती होने के चलते ही इसे सभी लोग आज भी द्वाबा के नाम से ही पुकारते हैं, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में य... Read more
सर्व विदित है कि बलिया द्वाबा की माटी के ही चकिया निवासी प्रख्यात साहित्यकार डाॅ. केदारनाथ सिंह अब हमारे बीच नहीं हैं किंतु उनकी एक-एक कविताएं जो खास कर बागी धरती बलिया के भुगोल से जुड़ी हैं... Read more