वैदिक काल में पंचों को माना जाता परमेश्वर, पुरोहित व सेनापति। ग्रामीण थे मुख्य अधिकारी, हर काल खंड में निखरा है इतिहास। अब इसे हम गांव की ”छोटी सरकार” भी कहते हैं। भारत के हर काल... Read more
हिंदी कथा साहित्य में प्रेमचंद के बाद यथार्थवादी प्रमुख कहानीकार रहे अमरकांत। गांव पर प्राप्त की प्रारंभिक शिक्षा, इलाहाबाद में रहकर किया साहित्य जगत में नाम। अमरकांत से किसी का दुख देखा नही... Read more
भोजपुरी भाषा और गांव से रहता गहरा लगाव, कर्मभूमि बनी कोलकाता। बेहया का जंगल नाम के ललित निबंध से सामाजिक जटिलताओं को किया उजागर। यूपी में बलिया का बलिहार गांव हैं पद्मश्री डा. कृष्ण बिहारी म... Read more
देश के प्रायः सभी हिस्सों में मास्क न लगाने के दृश्य आम हैं। दो गज की दूरी भी नहीं है। क्या हम आपदाओं को आदतन बुलाते हैं। सामूहिक व्यवहार में यह असावधानी क्यों। क्या स्वानुशासन के बग... Read more
राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश इमरजेंसी के दौर को याद करते हुए कहते हैं…भारतीय राजनीति को समझने के लिए जेपी की जेल डायरी आज भी बहुत महत्वपूर्ण दस्तावेज है। उनकी पूरी डायरी में ऐ... Read more
लखनऊ : केन्द्रीय सत्ता की चाबी और राजनीति का ताला जैसा उत्तर प्रदेश, चुनावी दंगल के करीब है। बिसात बिछाने और गठबंधन बनाने की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। ट्विटर से उलझन के बावजूद, ट्वीट के माध... Read more
नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने केंद्र की मोदी व राज्य की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। लखनऊ : नेता प्रतिपक्ष, उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में... Read more
पद पर आसीन होने के बाद यदि इंसान को पद का अभिमान हो जाए तो पतन निश्चित है। ऐसे लोगों को पदच्युत होने के बाद समाज अच्छी निगाहों से नहीं देखता। वे स्वयं भी पश्चाताप की अग्नि में जलते रहते हैं।... Read more
आज चंद्रशेखरजी की जयंती है. ‘बागी बलिया’ के सपूत. अपनी राह गढ़ने और बनाने वाले जननेता. सीधे प्रधानमंत्री बननेवाले राजनेता. अपने प्रधानमंत्रित्व काल में देश को गंभीर चुनौतियों से... Read more
हमने रामायण से सीखा है..सबको सम्मान देना चाहिए। प्रभु श्रीराम की विनम्रता से प्रभावित होकर ही केवट, जटायु, संपाती, शबरी, वानर, रीछ आदि कई जनजातियों ने साथ दिया। भगवान श्री राम भी अपन... Read more