सभी किसान पोर्टल पर 31 जुलाई तक कर सकते हैं अपना आवेदन। नई व्यवस्था में पूरी फसल के नुकसान का मिलेगा किसानों को लाभ। गत वर्ष 5910 किसानों को मिला 2.80 करोड़।
बलिया : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के तहत किसानों को अब सामूहिक नहीं, किसानों के नुकसान का अकलन कर व्यक्तिगत लाभ दिया जाएगा। पहले फसल काटने के बाद मड़ाई के दौरान यदि आग लग जाती थी तो बीमे का लाभ अकेले किसान को नहीं मिलता था। यह लाभ सामूहिक होता था। ऐसे में उन किसानों को भी योजना का लाभ मिल जाता था जिनका कोई नुकसान नहीं होता था। नई व्यवस्था के अंतर्गत अलग-अलग किसानों को पूरी फसल के नुकसान का लाभ प्रदान किया जाएगा। सभी किसान 31 जुलाई तक अपना पंजीयन करा सकते हैं।
इस स्थिति में कवर होगा बीमा
कम वर्षा, बेमौसम अधिक वर्षा, सूखा, अधिक तापमान, आद्रता, तेज हवा, असफल बोआई की स्थिति,ओलावृष्टि, जल-भराव (धान छोड़कर) भूस्खलन, बादल फटना, आकाशीय बिजली से उत्पन्न आग आदि से फसल को नुकसान पहुंचने पर बीमा कवर की स्थिति में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। आपदा की स्थिति में कृषक द्वारा 72 घंटे के अंदर टोल फ्री नंबर 18008896868 के माध्यम से सूचना देना अनिवार्य है।
वर्ष 2021-22 में खरीफ के लिए मानक
जिला उप कृषि निदेशक इंद्राज ने बताया कि खरीफ के सीजन में अधिसूचित फसल में धान, मक्का और अरहर रखा गया है। प्रति हेक्टेयर धान 64060 रुपये, मक्का पर 29575, अरहर पर प्रति हेक्टेयर 64693 है। कृषक को बीमित धनराशि का दो प्रतिशत देना है। धान पर प्रति हेक्टेयर 1281.20 रुपये, मक्का पर 591.50 रुपये, अरहर पर 1293.86 रुपये फसल बीमा पोर्टल https://pmfby.gov.in/ या मध्यस्त कार्यालय में जाकर जमा करना है।
- बलिया की खेती-बारी
- 426281 किसान जनपद में हैं पंजीकृत।
- 2019-20 में मिले 229 किसानों को 13.20 लाख।
- 2020-21 में 5910 किसानों को मिला 2.80 करोड़।
- 219599 हेक्टेयर में होती है बलिया में खेती।
- 161651 हेक्टेयर में होती खरीफ की खेती।
- 180518 हेक्टयर में की जाती रबी की खेती।
इन ब्लाकों के किसानों को मिलेगा लाभ
मनियर, सीयर, बांसडीह, बैरिया, मुरलीछपरा, बेरुआरबारी, दुबहड़, सोहांव, बेलहरी, रसड़ा, एवं नगरा।